सीने मै क्यों डर सा है
क्यों होने लगा हूं मैं तुझसे दूर
क्यूं पाने को जी तरसा है?
दफ़न हुआ जो फिर तू
सीने मै क्यों डर सा है
क्यों होने लगा हूं मैं तुझसे दूर
क्यूं पाने को जी तरसा है?
मैं फिर हूं आज जो फितूर
बरसा
गुज़रा है धुआँ धुआँ
महसूस ना तू हुआ
तरसा है धुआं धुआं
अब तू फिर से उस प्यार को दोहराए
अब तू इश्क फिर से भरेगा दम
एहसान करदे
कर सासों पे एहसान तू
छूके जान भर दे
तू रगों को छून
मेरी जान तेरे दिल
सीने मै क्यों डर सा है
क्यों होने लगा हूं मैं तुझसे दूर
क्यूं पाने को जी तरसा है?
दफ़न हुआ जो फिर तू
बरसा
गुज़रा है धुआँ धुआँ
महसूस ना तू हुआ
तरसा
है हवाओं में रूह यहाँ
अब तू फिर से उस प्यार को दोहराए
अब तू इश्क फिर से भरेगा दम