Udit Narayan
ज़रा देख मेरा दीवानापन - Zara Dekh Mera Deewanapan
दिल ना लगे, ना लगे, ना लगे
ज़रा देख मेरा दीवानापन
के तेरे बिना कहीं दिल ना लगे
आ सुन तो सही दिल की धड़कन
के तेरे बिना कहीं दिल ना लगे
ओ साथिया, साथिया रे, साथिया
मेरी आँखों ने भी देखा था वफ़ा का सपना
मैंने सोचा था कोई होगा मेरा भी अपना
ज़ख्म मुझको जो लगा है, मैं दिखाऊँ कैसे
अपनी मजबूरी भला तुझको बताऊँ कैसे
अपना अफसाना सनम तुझको सुनाऊँ कैसे
बढ़ती जाये मेरी उलझन
के तेरे बिना कहीं दिल ना लगे
अपनी नज़रों को बहारों का नज़ारा दूँगी
दिल की कश्ती को मोहब्बत का किनारा दूँगी
मैंने सोचा था के पलकों में छुपाऊँगी तुझे
मैंने सोचा था के साँसों में बसाऊँगी तुझे
अपनी चाहत का मसीहा मैं बनाऊँगी तुझे
ज़रा देख मेरा ये पागलपन
के तेरे बिना कहीं दिल ना लगे
आ सुन तो सही