Mustafa Zahid
Hum Jee Lenge
[Verse 1]
ये मेरे दिलका जाना
एक आखरी फ़ैसला है
अब साथ होगा ना तेरा
ये दर्द की इंतहान है
था प्यार तेरा तो झूठा
सच्चा मगर ये खुदा है
तन्हाइयों में हूं रोया
तब जाके मुझको मिला है
दुनियाके रिश्तों में तो
ये होता ही रहा है
लैला और मजनू भी तो
एक दूसरे से जुदा है
[Pre-Chorus]
तन्हाईका अश्क मिटाएं यहां
बरबादियां भी सबको जाने मिली है कहां
[Chorus]
तेरे बिना हम जी लेंगे
फिर क्यों रहे कोई गीले
तेरे बिना हम सेह लेंगे
वो ज़ख्म जो तुझ से मिले
आ हा हां
[Verse 2]
है रूट नई, मौसम नया
इस दौर में कैसी वफा
भर जाएगी तेरी कमी
मिल जाएगा अब कुछ नया
हां खुश हैं अब हम तो
तुझसे कहां हम खफा है
तूने चुना है वो रास्ता
तेरे लिए जो बना है
एहसान तेरा मैं मानू
तन्हा मुझे जो किया है
जो प्यार तेरा है खोया
लगता है खुद से मिला मैं
[Pre-Chorus]
किसको मिला संग उम्र भरका यहां
वो ही रुलाए दिल चाहे जिसको सदा
[Chorus]
तेरे बिना हम जी लेंगे
फिर क्यों रहे कोई गीले
तेरे बिना हम सेह लेंगे
वो ज़ख्म जो तुझ से मिले
तेरे बिना हम जी लेंगे
फिर क्यों रहे कोई गीले
तेरे बिना हम सेह लेंगे
वो ज़ख्म जो तुझ से मिले
[Outro]
तेरे बिना हम जी लेंगे