Mohammed Rafi
Jab Dil Se Dil Takrata Hai

जब दिल से दिल टकराता है
जब दिल से दिल टकराता है
मत पूछिए, क्या हो जाता है

झुकती है नज़र, रूकती है ज़ुबाँ
माथे पे पसीना आता है
जब दिल से दिल टकराता है

देखा था तुझे इक बार कहीं
उस दिन से अभी तक होश नहीं
उस दिन से अभी तक होश नहीं
फिर इश्क़ ने करवट बदली है
फिर सामने तू है महजबीं

अब देखिए क्या-क्या रंग नए
दीदार तेरा दिखलाता है
जब दिल से दिल टकराता है

ये हुस्न शराबी, महका बदन
और उस पे तेरा ये भोलापन
तेरी भी उम्मीदें जागी हैं
कहती है तेरे दिल की धड़कन

बेताब है तू भी मेरे लिए
अंदाज़ तेरा बतलाता है
जब दिल से दिल टकराता है
मत पूछिए, क्या हो जाता है
मुखड़ा ना छुपा यूँ हाथों से
दिन को ना बदल अब रातों से
दिन को ना बदल अब रातों से
गुलशन में बिखरने दे नग़में
तू प्यार की मीठी बातों से

ऐ हुस्न की देवी, आँख मिला
अपनों से कोई शरमाता है
जब दिल से दिल टकराता है
मत पूछिए, क्या हो जाता है

झुकती है नज़र, रूकती है ज़ुबाँ
माथे पे पसीना आता है
जब दिल से दिल टकराता है