Raga
Gandi Bimari

[Raga "Gandi Bimari" के बोल]

[Intro]
Huh
नी मानेंगे
शुरु मजबूरी में किए थे
हा-हा
पर अब मज़ा आने लगा है
हा-हा-हा-हा-हा-हा-हा-हा

[Pre-Chorus]
नी मानेंगे जब तक चलेगी नी मर्ज़ी हमारी
हम मालिक हैं, मारें जब मर्ज़ी हमारी
कल गद्दी के वारिस को मारे थे
थी जिसकी भी कल, अब वो गद्दी हमारी
ई गद्दी की गंदी बीमारी (गंदी बिमारी)
भरोसा नी किसी पे
और ना किसी से बनती हमारी

[Chorus]
आंह (आंह)
ई गद्दी की गंदी बीमारी (गंदी बिमारी)
आंह (आंह)
ई गद्दी की गंदी बिमारी
भरोसा नी किसी पे
और ना किसी से बनती हमारी
ई गद्दी की गंदी बिमारी
गंदी बीमारी (भौकाल)
[Verse 1]
कहे थे ना
शुरु मजबूरी में किए थे
पर अब मज़ा आने लगा बहुत हमें
बाऊ हमसे अब क़ायदे में बात करो
कहीं दे दें चौराहा पे मौत तुम्हें
हम हैं हाथी और कुत्ते ये भौंकते रहें
चले झांकी तो सड़कों पे मौत फिरे
काली घाटी के पीछे पूर्वांचल
और पूरे पूर्वांचल में हमरा ही धौंस चले
क-ख, ग-घ, अंगा
अरे हमसे कौन ले पंगा
फिर च-छ, ज-झ, अइयां
अब सबके हमई भईया
जब भी देखें हमरी शकल
ये करें त-थ, त-थ, थैया
मत्थे पे कट्टा लगाके लगा देंगे पार तुम्हरी नैया

[Chorus]
आंह (आंह)
ई गद्दी की गंदी बीमारी (गंदी बिमारी)
आंह (आंह)
ई गद्दी की गंदी बिमारी
भरोसा नी किसी पे
और ना किसी से बनती हमारी
ई गद्दी की गंदी बिमारी
गंदी बीमारी
(भौकाल)
[Verse 2]
शेर के मुँह में अब खून लग चुका
नया शेर ये, पुराना वो शेर थक चुका
यही काट दें सामने, अब सर मत झुका
अब भाई मर चुका तो अब भय मर चुका
बहुत ही बारूद है, शहर में बर्फी की कमी नहीं
हमारी कभी वर्दी से बनी नहीं
हराम-गर्दी घर पे तो करी नी कभी
पर निकले जब घर से तो थमी नी
कालीन बिछा देंगे
खून से रंगे ये पाँव, कालीन पे नाचेंगे
मालूम नी क्या तुम्हें
आए जो चौक पे, बीन बजा देंगे
साँप को पाल'लो, होगा ज़हरीला ही
तेरा ना मेरा, वो किसी का चेला नी
ऊपर तक आए, किसी को धकेला नी
पूरा control, ये कोई झमेला नी

[Interlude]
जो आया है, वो जाएगा भी
पर इस बार, मर्ज़ी हमारी होगी
हा-हा-हा-हा-हा-हा-हा-हा-हा-हा-हा

[Pre-Chorus]
नी मानेंगे जब तक चलेगी नी मर्ज़ी हमारी
हम मालिक हैं, मारें जब मर्ज़ी हमारी
कल गद्दी के वारिस को मारे थे
थी जिसकी भी कल, अब वो गद्दी हमारी
ई गद्दी की गंदी बीमारी (गंदी बिमारी)
भरोसा नी किसी पे
और ना किसी से बनती हमारी
[Chorus]
आंह
ई गद्दी की गंदी बिमारी
(भौकाल)